Garbhadan Sanskar
गर्भाधान संस्कार विधि: अर्थ, महत्व, नियम और वैदिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण सनातन वैदिक परंपरा का प्रथम और सबसे महत्वपूर्ण मूल संस्कार — श्रेष्ठ संतति निर्माण की नींव सनातन वैदिक परंपरा में मनुष्य के शरीर और आत्मा की उन्नति के लिए 16 उत्तम संस्कारों का विधान है। मनुस्मृति के अनुसार, निषेक (गर्भाधान)… Read more »
Dayanand Ne Jagaya Saari Duniya Ko
दयानन्द ने जगाया सारी दुनियां को दयानन्द ने जगाया सारी दुनियां को ,इक्क रस्ता दिखाया सारी दुनियां को ,रहे थे सो उठा गया वोह सारी दुनियां को , दिये जहर किसी ने पत्थर मारे ,नहीं झुके ऋषि ना हारे।सच्चाई को सुना गया वो सारी दुनियां को।। बन बैठे थे ईश्वर… Read more »
Dayanand Ki Jai Manate Chalenge
दयानन्द की जय मनाते चलेंगे दयानन्द की जय मनाते चलेंगे,कदम आगे आगे बढ़ाते चलेंगे।बनायेंगे हम आर्य संसार भर को ,ध्वजा ओम् की हम उठाते चलेंगे। जो आवाज़ सुन के खुले पोल सब की ,वह वेदों का डकां बजाते चलेंगे।रहें ब्रह्मचारी बनें व्रत धारी ,सदाचार के गीत गाते चलेंगे। कभी शान… Read more »
Mat kar tu abhimaan re bande
मत कर तू अभिमान रे बंदे मत कर तू अभिमान रे बंदे, जूठी तेरी शान रे । मत कर तू अभिमान ॥ तेरे जैसे लाखों आये, लाखों इस माटी ने खाए । तेरे जैसे लाखों आये, लाखों इस माटी ने खाए । रहा ना नाम निशान रे बंदे, मत कर… Read more »
Milta hai saccha sukh keval
मिलता है सच्चा सुख केवल “मिलता है सच्चा सुख केवल,भगवान् तुम्हारे चरणों में । यही विनति है पल – पल छिन – छिन ,रहे ध्यान तुम्हारे चरणों में । चाहे वैरी कुल संसार बने , चाहे जीवन मुझ पर भार बने । चाहे मौत गले का हार बने , रहे… Read more »
Punsavan Sanskar
पुंसवन संस्कार: अर्थ, महत्व, विधि और वैदिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण सनातन वैदिक परंपरा का द्वितीय महत्वपूर्ण संस्कार — श्रेष्ठ एवं गुणवान संतान की नींव सनातन वैदिक परंपरा में मनुष्य के जीवन को पवित्र, अनुशासित और श्रेष्ठ बनाने के लिए 16 संस्कारों का विधान किया गया है। ये संस्कार केवल धार्मिक कर्मकांड… Read more »

