दयानन्द था एक रौशन मुनारा दयानन्द था एक रौशन मुनारा ।कि चमका दिया जिसने संसार सारा।।दयानन्द था एक रौशन मुनारा ….. ज़मी के कणों को गगन पर… Read more »
वेदों वाले ऋषिवर तेरी शान का वेदों वाले ऋषिवर, तेरी शान का, सारी दुनियां में कोई बशर न मिला। हमने इनसान देखे, सुने हैं बड़े, कोई इनसान… Read more »
दुनियां वालो देव दयानन्द दुनियां वालो देव दयानन्द दीप जलाने आया था । भूल चुके थे राहें अपनी वह दिखलाने आया था।। घोर अंधेरा जग में छाया,… Read more »
ऐ स्वामी दयानन्द ऐ स्वामी दयानन्द तूने कर दिया कमाल । मुरदा थी मेरी कौम तूने प्राण दिये डाल ।। अज्ञान अंधेरा था चारों ओर ही छाया… Read more »
विवाह संस्कार: अर्थ, महत्व, विधि और वैदिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण सनातन वैदिक परंपरा का तेरहवाँ संस्कार — धर्म, प्रेम, उत्तरदायित्व और श्रेष्ठ गृहस्थ जीवन की आधारशिला सनातन वैदिक… Read more »
समावर्तन संस्कार: अर्थ, महत्व, विधि और वैदिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण सनातन वैदिक परंपरा का द्वादश (12वाँ) महत्वपूर्ण संस्कार — शिक्षा पूर्ण कर गृहस्थ जीवन में प्रवेश की तैयारी… Read more »





