Vedon Waale Rishivar Teri Shaan Ka
वेदों वाले ऋषिवर तेरी शान का वेदों वाले ऋषिवर, तेरी शान का, सारी दुनियां में कोई बशर न मिला। हमने इनसान देखे, सुने हैं बड़े, कोई इनसान तुझसा मगर न मिला।। वेदों वाले ऋषिवर तेरी शान का….. तू दया और आनन्द ही सब जगह, सच्चा हमदर्द बन के लुटाया गया।… Read more »
Duniya Walo Dev Dayanand
दुनियां वालो देव दयानन्द दुनियां वालो देव दयानन्द दीप जलाने आया था । भूल चुके थे राहें अपनी वह दिखलाने आया था।। घोर अंधेरा जग में छाया, नज़र नहीं कुछ आता था। मानव मानव की ठोकर से जब ठुकराया जाता था। आर्य जाति सोई पड़ी थी घर घर जाके जगाता… Read more »
Ae Swami Dayanand
ऐ स्वामी दयानन्द ऐ स्वामी दयानन्द तूने कर दिया कमाल । मुरदा थी मेरी कौम तूने प्राण दिये डाल ।। अज्ञान अंधेरा था चारों ओर ही छाया । पापी पाखंडियों ने था अन्धेर मचाया ।। दे कर सन्देश वेद का हम को किया निहाल , ऐ स्वामी….. विधवा अनाथ और… Read more »
Vivah Sanskar
विवाह संस्कार: अर्थ, महत्व, विधि और वैदिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण सनातन वैदिक परंपरा का तेरहवाँ संस्कार — धर्म, प्रेम, उत्तरदायित्व और श्रेष्ठ गृहस्थ जीवन की आधारशिला सनातन वैदिक परंपरा में मनुष्य के जीवन को पवित्र, अनुशासित और आदर्श बनाने के लिए 16 संस्कारों का विधान किया गया है। ये संस्कार केवल… Read more »
Samavartan Sanskar
समावर्तन संस्कार: अर्थ, महत्व, विधि और वैदिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण सनातन वैदिक परंपरा का द्वादश (12वाँ) महत्वपूर्ण संस्कार — शिक्षा पूर्ण कर गृहस्थ जीवन में प्रवेश की तैयारी सनातन वैदिक परंपरा में मनुष्य के जीवन को श्रेष्ठ, अनुशासित and आदर्श बनाने के लिए 16 संस्कारों का विधान किया गया है। ये… Read more »
Vedarambh Sanskar
वेदारंभ संस्कार: अर्थ, महत्व, विधि और वैदिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण सनातन वैदिक परंपरा का ग्यारहवाँ संस्कार — ज्ञान, शिक्षा और आत्मविकास का शुभारंभ सनातन वैदिक परंपरा में मनुष्य के जीवन को श्रेष्ठ, अनुशासित एवं आदर्श बनाने के लिए १६ संस्कारों का विधान किया गया है। प्रत्येक संस्कार जीवन के किसी महत्वपूर्ण… Read more »

