दयानन्द ने जगाया सारी दुनियां को दयानन्द ने जगाया सारी दुनियां को ,इक्क रस्ता दिखाया सारी दुनियां को ,रहे थे सो उठा गया वोह सारी दुनियां को… Read more »
दयानन्द की जय मनाते चलेंगे दयानन्द की जय मनाते चलेंगे,कदम आगे आगे बढ़ाते चलेंगे।बनायेंगे हम आर्य संसार भर को ,ध्वजा ओम् की हम उठाते चलेंगे। जो आवाज़… Read more »
मत कर तू अभिमान रे बंदे मत कर तू अभिमान रे बंदे, जूठी तेरी शान रे । मत कर तू अभिमान ॥ तेरे जैसे लाखों आये, लाखों… Read more »
मिलता है सच्चा सुख केवल “मिलता है सच्चा सुख केवल,भगवान् तुम्हारे चरणों में । यही विनति है पल – पल छिन – छिन ,रहे ध्यान तुम्हारे चरणों… Read more »
॥ ओ३म् ॥ पुंसवन संस्कार: अर्थ, महत्व, विधि और वैदिक दृष्टिकोण सनातन वैदिक परंपरा का द्वितीय महत्वपूर्ण संस्कार — माता और गर्भस्थ शिशु के मंगल की वैदिक… Read more »
उठो दयानंद के सिपाहियों समय पुकार रहा है उठो दयानंद के सिपाहियों समय पुकार रहा हैदेश द्रोह का विषधर फन फैला फुंकार रहा है उठो विश्व की… Read more »





