आर्य समाज के नियम सब सत्यविद्या और जो पदार्थ विद्या से जाने जाते हैं, उन सबका आदिमूल परमेश्वर है। ईश्वर सच्चिदानन्दस्वरूप, निराकार, सर्वशक्तिमान, न्यायकारी, दयालु, अजन्मा, अनन्त,… Read more »
ज्योत से ज्योत जगाते चलो ज्योत से ज्योत जगाते चलो ज्योत से ज्योत जगाते चलो प्रेम की गंगा बहाते चलो राह में आये जो दिन दुखी सब… Read more »
तेरी दया परमात्मा तेरी दया परमात्मा मुझ पर बनी रहे । यह दिल तुम्हारे प्यार से हरदम धनी रहे ।। जीवन है चदरिया प्रभु भक्ति का रंग… Read more »
सृष्टि रचाने वाले सृष्टि रचाने वाले कितना महान है तू ,दाता दया के सागर प्राणों का प्राण है तू सृष्टि रचाने वाले……. सूरज बनाया तूने, चंदा रचाया… Read more »
भरोसा कर तू ईश्वर पर भरोसा कर तू ईश्वर पर,तुझे धोखा नहीं होगा ।यह जीवन बीत जायेगा,तुझे रोना नहीं होगा ॥भरोसा कर …… कभी सुख है कभी… Read more »
बन्धन से छूटने वाले बन्धन से छूटने वाले जन तो परमानन्द को पाते हैं सत्कर्म के अपने जीवन से इस लोक से वो तर जाते हैं बन्धन… Read more »





