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Arya Samaj Ke Niyam

आर्य समाज के नियम सब सत्यविद्या और जो पदार्थ विद्या से जाने जाते हैं, उन सबका आदिमूल परमेश्वर है। ईश्वर सच्चिदानन्दस्वरूप, निराकार, सर्वशक्तिमान, न्यायकारी, दयालु, अजन्मा, अनन्त, निर्विकार, अनादि, अनुपम, सर्वाधार, सर्वेश्वर, सर्वव्यापक, सर्वान्तर्यामी, अजर, अमर, अभय, नित्य, पवित्र और सृष्टिकर्ता है, उसी की उपासना करनी योग्य है। वेद सब… Read more »

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Jyot se jyot jagate chalo

ज्योत से ज्योत जगाते चलो ज्योत से ज्योत जगाते चलो ज्योत से ज्योत जगाते चलो प्रेम की गंगा बहाते चलो राह में आये जो दिन दुखी सब को गले से लगाते चलोजिसका ना कोई संगी साथी ईश्वर है रखवालाजो निर्धन है जो निर्बल है वो है सबका प्यारा प्यार के… Read more »

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Teri Daya Parmatma

तेरी दया परमात्मा तेरी दया परमात्मा मुझ पर बनी रहे । यह दिल तुम्हारे प्यार से हरदम धनी रहे ।। जीवन है चदरिया प्रभु भक्ति का रंग है । पूरी हो नाथ यह मेरी दिल की उमंग है । जीवन की चदरिया प्रभु सदा सनी रहे।। यह दिल तुम्हारे प्यार… Read more »

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Srishti rachane wale

सृष्टि रचाने वाले सृष्टि रचाने वाले कितना महान है तू ,दाता दया के सागर प्राणों का प्राण है तू सृष्टि रचाने वाले……. सूरज बनाया तूने, चंदा रचाया तूने तारों को रोशनी दी, नभ को सजाया तूनेसब कुछ बनाया तूने, पर लापता है क्यों तू दाता दया के सागर, प्राणों का… Read more »

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Bharosa kar tu Ishwar par

भरोसा कर तू ईश्वर पर भरोसा कर तू ईश्वर पर,तुझे धोखा नहीं होगा ।यह जीवन बीत जायेगा,तुझे रोना नहीं होगा ॥भरोसा कर …… कभी सुख है कभी दुख है,यह जीवन धूप-छाया है ।हँसी में ही बिता डालो,बिताना ही यह माया है ॥भरोसा कर …… जो सुख आवे तो हंस लेना,जो… Read more »

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Bandhan se chhootne waale

बन्धन से छूटने वाले बन्धन से छूटने वाले जन तो परमानन्द को पाते हैं सत्कर्म के अपने जीवन से इस लोक से वो तर जाते हैं बन्धन से छूटने वाले… हर स्वार्थ में जीना आसाँ है परहित में तो जीना है मुश्किल सत्कर्म को करके सत्कर्मी सुख चैन की नींदें… Read more »