जयति ओ३म् ध्वज व्योम बिहारी जयति ओ३म् ध्वज व्योम बिहारी। विश्व प्रेम प्रतिमा अति प्यारी। सत्य सुधा बरसाने वाला स्नेह लाता सरसाने वाला साम्य सुमन विकसाने वाला… Read more »
तेरे दर को छोड़कर तेरे दर को छोड़कर, किस दर जाऊँ मैं। सुनता मेरी कौन है, किसे सुनाऊँ मैं॥ जब से याद भुलाई तेरी, लाखों कष्ट उठाये… Read more »
अजब हैरान हूँ भगवन् अजब हैरान हूँ भगवन्, तुम्हें क्योंकर रिझाऊँ मैं। कोई वस्तु नहीं ऐसी, जिसे सेवा में लाऊँ मैं॥ करें किस तौर आवाहन, कि तुम… Read more »
धन्य है तुमको ए ऋषि धन्य है तुमको ए ऋषि, तूने हमें जगा दिया। सो सो के लुट रहे थे, हम तूने हमें जगा दिया। अन्धों को… Read more »
आज मिल सब गीत गाओ आज मिल सब गीत गाओ, उस प्रभु के धन्यवाद। जिसका यश नित गाते हैं, गन्धर्व मुनिजन धन्यवाद ॥ १ ॥ मन्दिरों में… Read more »
हे ज्ञानवान भगवन हे ज्ञानवान भगवन,हमको भी ज्ञान दे दो,करुणा के चार छींटे,करुणा निधान दे दो।। सुलझा सकें हम अपने,जीवन की उलझनों को,प्रज्ञा ऋतम्भरा सी,बुद्धि का दान… Read more »





