गृहप्रवेश पूजा
कहते हैं एक पत्ता भी मिलता है तो भगवान की मर्जी से, यदि यह सुन्दर सा घर आपको मिला तो यह भगवान की मर्जी है, बिना उनके आशीर्वाद के यह संभव नहीं था। क्या ईश्वर को इसके लिए धन्यवाद करना हमारा दायित्व नहीं है? गृह प्रवेश पूजा का निर्माण इसी भाव को लेकर किया गया है। घर में हमेसा पॉजिटिव एनर्जी रहे, सब सुखी रहे, निरोग रहे, दीघर्जीवी बने, गृहप्रवेश पूजा करते हुए ऐसी मंगल प्रार्थना ईश्वर से की जाती है।

पूजा का समय 2 घंटे
पूजा दक्षिणा 5100
पंडितजी की संख्या एक
यजमान द्वारा लाई जाने वाली सामग्री
500 ग्राम गाय का घी, फल मिठाई प्रसाद के लिए, मिट्टी के 3 घड़े ढक्कन के साथ और खुले फूल।
मुख्य द्वार की फूलों या पत्तों से सजावट
किचन पूजा के लिए
1kg चावल, 1 ltr दूध और आधा किलो चीनी
पूजा में आप सबके बैठने के लिए 4 आसन, 1 चौकी 1mtr लाल या पीला कपड़ा, तांबे का लोटा, दीपक, वुडन डिस्पोजल एक दर्जन ( थाली, कटोरी, चम्मच )
इसके अलावा अन्य पूजा सामग्री जैसे हवन कुंड, समिधा, सामाग्री, रोली, मोली, कपूर, नारियल, पान पत्ता आदि की व्यवस्था पंडित जी के द्वारा रहेगी।
- पूजा अपने समय पर शुरू हो इस बात का विशेष ध्यान रखें।
- पूजा की तिथि से एक दिन पहले हमें रिमाइंडर कॉल अवश्य करें।
- पूजा कार्यक्रम में किसी भी तरह का परिवर्तन हो तो कॉल के साथ-साथ व्हाट्सएप पर हमें इसकी सूचना अवश्य दें।
पूजा की बुकिंग कैसे करें?
यदि हमारे द्वारा इस पेज पर प्रदान की गई जानकारी से आप सहमत हैं और पंडितजी को इस पूजा के लिए बुक करना चाहते है तो नीचे दिए गए व्हाट्सएप लिंक पर पूजा की तिथि, समय, नए घर का पोस्टल ऐड्रेस और गूगल लोकेशन भेजने की कृपा करे। डीटेल्स प्राप्त करने के बाद हमारे द्वारा आपको व्हाट्सएप पर ही बुकिंग कंफर्मेशन मिल जाएगी। आप हमें किसी भी जानकारी के लिए प्रातः 7 बजे से रात्रि 10 बजे तक कॉल कर सकते है।
इस पूजा से संबंधित कुछ प्रचलित प्रश्न-
यदि पूजा प्रातः कालीन समय में हो रही है तो फिर आप फल और दूध ले सकते हैं अन्न ना खाएं, लेकिन यदि पूजा सांयकालीन सत्र में हो रही है तो आप दोपहर में भोजन ले सकते हैं। पूजा में व्रत नहीं अपितु आपका पुरुषार्थ और समर्पण सबसे महत्वपूर्ण होता है।
जी हां, नए घर में प्रवेश करने से पहले ही गृह प्रवेश पूजा की जाती है क्योंकि गृह शब्द का अर्थ घर होता है और प्रवेश का मतलब प्रवेश करना। जब आप घर में प्रवेश करने जा रहे है उस समय होने वाली पूजा।
पूजा के लिए शुभ दिन और शुभ समय के बारे में हमें फोन पर पूछ सकते हैं वैसे हर दिन भगवान का बनाया है और हर दिन शुभ होता है।
यदि एकदम नया सामान है तो आप रख सकते हैं। पुराने घर का कोई सामान जैसे फर्नीचर कपड़े वगैरा आप नहीं रह सकते हैं। पूजा होने के बाद आप पुराने घर का समान की सिफ्टिंग करे।
यदि आप किराए के घर में रहते हैं तो गृह प्रवेश पूजा नहीं होती है बल्कि गृह शांति पूजा होती है। यदि घर नया हो और आप घर के ओनर हो तो फिर आप उस घर में प्रवेश करने से पहले गृह प्रवेश पूजा कर सकते हैं।
पूजा होने के उपरांत यदि व्यवस्था है तो आप उस दिन से ही वहां पर रह सकते हैं और धीरे-धीरे अपने सभी सामान को ला सकते हैं। परंतु यदि वहां पर रहने आदि का प्रबंध उचित तरीके से नहीं हुआ है तो फिर रहने की कोई आवश्यकता नहीं है। जब सब प्रबंध हो जाये तो आप वहां रहना शुरू कर सकते है। धर्म के नाम पर हम किसी अव्यवस्था में आपको रोकने की अनुमति नहीं दे सकते हैं।
गृह प्रवेश पूजा शास्त्रोक्त मूल पूजा है जिसका उल्लेख वेदों में किया गया है। मनुष्यों के कल्याण के लिए ऋषियों द्वारा प्रणीत 16 संस्कारों में इसे शाला प्रकरण नाम से जाना जाता है। यह पूजा एक ब्राह्मण के द्वारा 2 घंटे में हो जाती है।
वास्तु शांति गृह प्रवेश पूजा की सभी मूल विधियों के साथ-साथ स्थानीय कल्चर को भी जोड़कर बनाई गई पूजा है जिसमे गृह प्रवेश पूजा के साथ-साथ सत्यनारायण कथा, रुद्राभिषेक, सुंदरकांड पाठ, जाप, अनुष्ठान आदि कराए जाते हैं जो कम से कम तीन घंटे और कही कही तो दो दिन तक चलती है।
जब तक घर पूर्ण रूप से बन ना जाये अथवा रहने के योग्य न हो जाए तब तक आप गृह प्रवेश पूजा नहीं कर सकते।
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