Antyeshthi Sanskar
अंत्येष्टि संस्कार: अर्थ, महत्व, विधि और वैदिक दृष्टिकोण जीवन की अंतिम वैदिक क्रिया, दाह-संस्कार और आत्मीयजनों के लिए शान्ति एवं वैदिक कर्तव्य का मार्ग वैदिक परंपरा में अंत्येष्टि संस्कार मनुष्य के शरीर से संबंधित अंतिम संस्कार है। अंत्येष्टि का अर्थ शरीर को अग्नि द्वारा भस्म होने तक संस्कारित करना है।… Read more »
Maharshi Gaan
ऋषि दयानन्द ! ऋषि दयानन्द ! Rishi Dayanand ! ॥ भजन लिरिक्स (हिन्दी) ॥ गुरु दयानन्द ! जय दयानन्द ! भूली-भटकी मानवता को, समझाए वैदिक मधुर छन्द। ऋषि दयानन्द ! ऋषि दयानन्द ! गुरु दयानन्द ! जय दयानन्द !….. ।। १ ।। सच्चा शिव पाने जीवन वारा संसार जगाने। विष… Read more »
Sannyasa Sanskar
संन्यास संस्कार: अर्थ, महत्व, विधि और वैदिक दृष्टिकोण जीवन के उत्तरार्ध में त्याग, संयम, स्वाध्याय, ईश्वर-चिंतन और लोकसेवा की ओर बढ़ने वाला महत्वपूर्ण वैदिक संस्कार वैदिक जीवन व्यवस्था में मनुष्य के जीवन को अलग-अलग चरणों में व्यवस्थित और संस्कारित करने की परंपरा रही है। संन्यास संस्कार जीवन के उस चरण… Read more »
Vaanaprastha Sanskar
वानप्रस्थ संस्कार: अर्थ, महत्व, विधि और वैदिक दृष्टिकोण वैदिक जीवन के तृतीय आश्रम में प्रवेश का संस्कार — गृहस्थ जिम्मेदारियों से क्रमिक निवृत्ति, स्वाध्याय और समाज सेवा की ओर बढ़ने का संकल्प वैदिक जीवन-पद्धति में मनुष्य के जीवन को व्यवस्थित, अनुशासित और उद्देश्यपूर्ण बनाने के लिए आश्रम व्यवस्था का वर्णन… Read more »
Dekhi Ajab Nirali Mahima
देखी अजब निराली महिमा सत्संग की ॥ भजन लिरिक्स (हिन्दी) ॥ देखी अजब निराली, महिमा सत्संग की । देखी…. सत्संग अन्दर मोती, हीरे, मिलते लेकिन धीरे-धीरे। जिसने खोज निकाली, महिमा सत्संग की ।। सत्संग की महिमा निराली है….. ।। २ ।। सत्संग सच्चा तीर्थ है भाई, करते हैं जो नेक… Read more »
Ae Rishi Yaad Aaye Zamana Tera
“`html ए ऋषि याद आए Ae Rishi Yaad Aaye ॥ भजन लिरिक्स (हिन्दी) ॥ ए ऋषि याद आए ज़माना तेरा। सारे जग ने जाना फसाना तेरा। ए ऋषि याद….. 2. हवा प्रतिकूल थी, नहीं अनुकूल थी। समझा न जग तुमको बड़ी भारी भूल थी। ऐसे समय में जगाना तेरा। ए… Read more »

