अंत्येष्टि संस्कार: अर्थ, महत्व, विधि और वैदिक दृष्टिकोण जीवन की अंतिम वैदिक क्रिया, दाह-संस्कार और आत्मीयजनों के लिए शान्ति एवं वैदिक कर्तव्य का मार्ग वैदिक परंपरा में… Read more »
ऋषि दयानन्द ! ऋषि दयानन्द ! Rishi Dayanand ! ॥ भजन लिरिक्स (हिन्दी) ॥ गुरु दयानन्द ! जय दयानन्द ! भूली-भटकी मानवता को, समझाए वैदिक मधुर छन्द।… Read more »
संन्यास संस्कार: अर्थ, महत्व, विधि और वैदिक दृष्टिकोण जीवन के उत्तरार्ध में त्याग, संयम, स्वाध्याय, ईश्वर-चिंतन और लोकसेवा की ओर बढ़ने वाला महत्वपूर्ण वैदिक संस्कार वैदिक जीवन… Read more »
वानप्रस्थ संस्कार: अर्थ, महत्व, विधि और वैदिक दृष्टिकोण वैदिक जीवन के तृतीय आश्रम में प्रवेश का संस्कार — गृहस्थ जिम्मेदारियों से क्रमिक निवृत्ति, स्वाध्याय और समाज सेवा… Read more »
देखी अजब निराली महिमा सत्संग की ॥ भजन लिरिक्स (हिन्दी) ॥ देखी अजब निराली, महिमा सत्संग की । देखी…. सत्संग अन्दर मोती, हीरे, मिलते लेकिन धीरे-धीरे। जिसने… Read more »
“`html ए ऋषि याद आए Ae Rishi Yaad Aaye ॥ भजन लिरिक्स (हिन्दी) ॥ ए ऋषि याद आए ज़माना तेरा। सारे जग ने जाना फसाना तेरा। ए… Read more »





