Shimla

Arya Samaj Bhajan

Arya Samaj Bhajan

Rishi Rin ko chukana hai

ऋषि ऋण को चुकाना है ऋषि ऋण को चुकाना है, आर्य राष्ट्र बनाना है। तो मिल के बढ़ो, मंजिल पे चढ़ो, चढ़ने का जमाना है। देश के कोने-कोने में, सन्देश सुनाना है। ऋषि ऋण को चुकाना है… हम कस कर कमर चलें हैं, निकले हैं इस मार्ग में। ले मज़बूत… Read more »

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Tu Hai Saccha Pita

तू है सच्चा पिता सारे संसार का तू है सच्चा पिता सारेसंसार का ओ३म प्यारा।तू ही तू ही है रक्षक हमारा ॥ चाँद सूरज सितारे बनाये।पृथ्वी, आकाश, पर्वत सजाये।अन्त आया नहीं,तेरा पाया नहीं पारवारा ॥तू ही…….. ॥ १ ॥ पक्षी गण राग सुन्दर हैं गाते।जीव, जन्तु भी सिर हैं झुकाते।सुख… Read more »

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Yagya Prarthana

यज्ञ प्रार्थना पूजनीय प्रभो हमारे,भाव उज्जवल कीजिये ।छोड़ देवें छल कपट को,मानसिक बल दीजिये ॥ १॥ वेद की बोलें ऋचाएं,सत्य को धारण करें ।हर्ष में हो मग्न सारे,शोक-सागर से तरें ॥ २॥ अश्व्मेधादिक रचायें,यज्ञ पर-उपकार को ।धर्मं- मर्यादा चलाकर,लाभ दें संसार को ॥ ३॥ नित्य श्रद्धा-भक्ति से,यज्ञादि हम करते रहें… Read more »